NH-43 पर अज्ञात वाहन की ठोकर से गर्भवती गाय की दर्दनाक मौत, गर्भस्थ बछड़े ने भी तोड़ा दम
गर्भवती गाय की मौत के बाद इंसानियत पर सवाल, अंतिम संस्कार के लिए भी नहीं पहुंचे गौसेवक
अज्ञात वाहन की ठोकर से हुई थी मौत, पार्षद रुचि सुजीत सोनी की पहल पर कराया गया अंतिम संस्कार
पटना। नगर पंचायत पटना के वार्ड क्रमांक 14, डॉ. भीमराव अंबेडकर नगर से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-43 (NH-43) पर अज्ञात वाहन की ठोकर से गर्भवती गाय की दर्दनाक मौत के मामले में अब इंसानियत और गौसेवा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
हादसे में गाय की मौत के साथ उसके गर्भ में पल रहे बछड़े ने भी दम तोड़ दिया था। घटना के बाद सड़क किनारे पड़े मृत पशु को लेकर लोगों में दुख और नाराजगी का माहौल रहा।
पार्षद ने कराया अंतिम संस्कार
घटना की जानकारी मिलने पर वार्ड क्रमांक 14 की पार्षद रुचि सुजीत सोनी मौके पर पहुंचीं। इसके बाद मृत गाय के सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराई गई।
वहीं, स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना रहा कि गौसेवा और गौ संरक्षण की बात करने वाले लोग इस दर्दनाक घटना के बाद मौके पर दूर-दूर तक नजर नहीं आए। अंतिम संस्कार की व्यवस्था होने से पहले मृत गाय के शव को कुत्ते नोचते रहे, जिससे मौके का दृश्य बेहद पीड़ादायक रहा।
गौसेवा के दावों पर उठे सवाल
बेजुबान पशु की मौत के बाद उसके शव की ऐसी दुर्दशा ने गौसेवा के दावों और जमीनी स्तर पर सक्रियता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गौसेवा केवल सोशल मीडिया या आयोजनों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि ऐसे मुश्किल समय में भी बेजुबान पशुओं के लिए सामने आना जरूरी है।
एक गर्भवती गाय और उसके गर्भस्थ बछड़े की मौत के बाद कम से कम उसके शव को सम्मानजनक अंतिम विदाई मिलना इंसानियत की जिम्मेदारी है। पार्षद की पहल से अंतिम संस्कार तो हो गया, लेकिन इस घटना ने यह सवाल जरूर छोड़ दिया कि मुसीबत में बेजुबान के साथ खड़े होने वाले गौसेवक आखिर कहां थे?


