उत्तर छत्तीसगढ़ में तंत्र–मंत्र के नाम पर पनप रहा ठगी का जाल, अंबिकापुर पुलिस ने ‘गड़ा धन’ निकालने वाले बाबा को किया गिरफ्तार; ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील

उत्तर छत्तीसगढ़ में तंत्र–मंत्र के नाम पर पनप रहा ठगी का जाल, अंबिकापुर पुलिस ने ‘गड़ा धन’ निकालने वाले बाबा को किया गिरफ्तार; ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील

अंबिकापुर/सूरजपुर/सरगुजा/कोरिया/जशपुर/बलरामपुर।
उत्तर छत्तीसगढ़ के कई जिले इन दिनों झाड़–फूंक, तंत्र–मंत्र, गड़ा धन और चमत्कारिक उपचार के नाम पर सक्रिय ठगीबाज बाबाओं की वजह से चिंतित हैं। ग्रामीण अंधविश्वास का फायदा उठाकर ये बाबा लोगों से मोटी रकम ऐंठते हैं और कई बार उन्हें डराकर धमकाते भी हैं। इसी कड़ी में अंबिकापुर से एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहाँ पुलिस ने एक ऐसे बाबा को गिरफ्तार किया है जो “पूजा–पाठ कर जमीन में दबा गड़ा धन निकालने” का दावा करता था और इसी बहाने लोगों से लाखों रुपये हड़प लेता था।

क्या था मामला?

साल 2019 में आरोपी ने एक ग्रामीण को झांसा देकर कहा कि उसके खेत में “गड़ा धन” दबा हुआ है जिसे विशेष पूजा–पाठ के जरिए बाहर निकाला जा सकता है। पीड़ित से विश्वास जीतने के बाद आरोपी ने उससे 40,000 रुपये नकद और 21 तोला सोना ठग लिया। जब लंबे समय तक कोई गड़ा धन बाहर नहीं आया, तब पीड़ित को धोखे का एहसास हुआ और उसने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करवाई।

6 साल तक फरार रहा ठग बाबा

मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी फरार था। कोतवाली पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन उसके बार–बार ठिकाने बदलने से उसे पकड़ना मुश्किल हो रहा था। एक अन्य आरोपी संजय मिश्रा पहले ही गिरफ्तार होकर रामानुजगंज जेल में बंद है। ठोस जानकारी न मिलने के चलते यह मामला 2021 में लगभग ठंडे बस्ते में चला गया था।

कैसे हुआ बड़ा खुलासा और गिरफ्तारी?

अक्टूबर 2025 में पुलिस को नए इनपुट मिले कि गड़ा धन ठगी का यह मुख्य आरोपी रामानुजगंज जेल में बंद आरोपी संजय मिश्रा से मुलाक़ात करने आता है। 14 अक्टूबर 2025 को इस सुराग पर काम करते हुए पुलिस ने खुफिया तौर पर निगरानी बढ़ाई और जैसे ही आरोपी मुलाकात के लिए पहुँचा, उसे दबोच लिया।

कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने आरोपी को धारा 420 (ठगी) और धारा 34 (साझा आपराधिक कृत्य) के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। पुलिस का कहना है कि लंबी जांच के बाद मिली यह सफलता यह साबित करती है कि अपराधी चाहे जितना समय क्यों न ले, कड़ी निगरानी और दृढ़ जांच से अंततः पकड़े ही जाते हैं।

ग्रामीण इलाकों में तंत्र–मंत्र ठगी का बढ़ता खतरा

सिर्फ अंबिकापुर ही नहीं, बल्कि सूरजपुर, सरगुजा, कोरिया, जशपुर और बलरामपुर जिलों में ऐसे ढोंगी बाबा सक्रिय हैं जो झाड़–फूंक, जादू–टोना, तंत्र–मंत्र, नजर उतारने, घर से “नकारात्मक ऊर्जा हटाने”, गड़ा धन निकालने और भूत–प्रेत भगाने के नाम पर ग्रामीणों से हजारों–लाखों रुपये ऐंठ लेते हैं। कई मामलों में ये बाबा ग्रामीणों को धमकाते हैं कि यदि उनकी पूजा न कराई गई तो किसी परिवार सदस्य को नुकसान होगा या घर में अनिष्ट होगा। इस डर के कारण अनेक लोग चोरी–छिपे इनके चंगुल में फँस जाते हैं और मामला दर्ज कराने से भी घबराते हैं।

पुलिस व प्रशासन की अपील—ग्रामीण रहें सतर्क, रिपोर्ट करें

पुलिस ने साफ कहा है कि तंत्र–मंत्र, झाड़–फूंक, गड़ा धन या चमत्कारिक इलाज का दावा कर पैसे वसूलना पूरी तरह अवैध है। ऐसे व्यक्तियों से डरने की जरूरत नहीं है।
अधिकारी लगातार ग्रामीणों से आग्रह कर रहे हैं—
“डर के आगे जीत है। ऐसे बाबा कहीं भी दिखें, तुरंत रिपोर्ट करें। आपकी एक शिकायत कई अन्य ग्रामीणों को ठगी से बचा सकती है।”

सामाजिक चेतना की आवश्यकता

समाजसेवियों, ग्रामीण संगठनों और पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा है कि इन बाबाओं के खिलाफ आवाज उठाना बहुत जरूरी है, क्योंकि ये सिर्फ आर्थिक शोषण नहीं बल्कि मानसिक दबाव और अंधविश्वास को बढ़ावा देते हैं। गांव में आने वाले किसी भी बाहरी व्यक्ति की गतिविधि पर निगरानी रखने और संदिग्ध दिखने वाले तांत्रिकों की तुरंत सूचना पुलिस तक पहुँचाने की अपील की गई है।

निष्कर्ष

उत्तर छत्तीसगढ़ में तंत्र–मंत्र और झाड़–फूंक के नाम पर बढ़ते ठगी के मामलों के बीच अंबिकापुर पुलिस की यह कार्रवाई एक बड़ा संदेश है कि अपराधी कितना भी चालाक क्यों न हो, कानून के हाथ लंबे होते हैं। ग्रामीणों की सतर्कता, सूचनाओं की समय पर उपलब्धता और पुलिस की सक्रियता से ही ऐसे ढोंगी बाबाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। जागरूकता और रिपोर्टिंग ही इस सामाजिक ठगी को समाप्त करने का सबसे बड़ा हथियार है।
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