वंदे भारत न्यूज़ से निष्कासन के बाद भी सक्रिय फर्जी पत्रकार, सूरजपुर जिले में मीडिया जगत में बढ़ी चिंता
सूरजपुर।
सूरजपुर जिले में पत्रकारिता की विश्वसनीयता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, वंदे भारत न्यूज़ चैनल से निष्कासित किया गया एक कथित फर्जी पत्रकार अब भी सक्रिय है और चैनल से बाहर होने के बाद **एक समाचार पत्र में काम कर रहा है**। बताया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति पर **नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी** और **धोखाधड़ी (धारा 420)** से जुड़े मामले पहले से दर्ज हैं।
सूत्रों का दावा है कि उक्त व्यक्ति पूर्व में इन मामलों में **जेल भी जा चुका है**, लेकिन अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि और पुराने मामलों को छिपाकर दोबारा मीडिया क्षेत्र में प्रवेश कर गया। बताया जा रहा है कि वह खुद को साफ-सुथरी छवि वाला पत्रकार बताकर न केवल मीडिया संस्थानों को गुमराह कर रहा है, बल्कि अपने ही साथी पत्रकारों को भी धोखे में रख रहा है।
जानकारी के मुताबिक, सूरजपुर जिला और उससे जुड़े विभिन्न विकास खंडों में कुछ ऐसे लोग सक्रिय हैं, जो पत्रकार संगठनों और मीडिया संस्थानों में शामिल होकर **अंदर से सेंध लगाने** की कोशिश कर रहे हैं। पहले भरोसा जीतना, फिर संगठनात्मक जानकारी का दुरुपयोग करना और निजी स्वार्थ साधना, इनकी कार्यशैली बताई जा रही है। ऐसे तत्वों पर **अवैध वसूली, खबर दबाने या चलाने के नाम पर दबाव बनाने** जैसे आरोप भी सामने आ रहे हैं।
वरिष्ठ पत्रकारों का कहना है कि बिना **पृष्ठभूमि सत्यापन और चरित्र प्रमाण पत्र** के ऐसे लोगों को मीडिया संस्थानों में जगह मिलना बेहद चिंताजनक है। इससे न केवल पत्रकारिता की साख को नुकसान पहुंचता है, बल्कि आम जनता का भरोसा भी कमजोर होता है। उन्होंने समाचार पत्र प्रबंधन, चैनलों और पत्रकार संगठनों से नियुक्ति से पहले पूरी जांच-पड़ताल करने की मांग की है।
मीडिया जगत से जुड़े लोगों ने आम नागरिकों, व्यापारियों और संस्थानों से भी अपील की है कि वे ऐसे कथित फर्जी पत्रकारों से **सावधान रहें** और पत्रकारिता के नाम पर किसी भी तरह की मांग या दबाव की स्थिति में संबंधित मीडिया संस्थान या प्रशासन को सूचना दें।
फिलहाल, इस पूरे मामले में संबंधित व्यक्ति की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन जिला स्तर पर इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं और आगे और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।


